भगवान भोलेनाथ के ऐसे रहे जिन्हें सुनकर चौक जाएंगे आप (भाग - 3)
26.शैव परम्परा :
दसनामी, शाक्त, सिद्ध, दिगंबर, नाथ, लिंगायत, तमिल शैव, कालमुख शैव, कश्मीरी शैव, वीरशैव, नाग, लकुलीश, पाशुपत, कापालिक, कालदमन और महेश्वर सभी शैव परंपरा से हैं। चंद्रवंशी, सूर्यवंशी, अग्निवंशी और नागवंशी भी शिव की परंपरा से ही माने जाते हैं। भारत की असुर, रक्ष और आदिवासी जाति के आराध्य देव शिव ही हैं। शैव धर्म भारत के आदिवासियों का धर्म है।
27.शिव के प्रमुख नाम :
शिव के वैसे तो अनेक नाम हैं जिनमें 108 नामों का उल्लेख पुराणों में मिलता है लेकिन यहां प्रचलित नाम जानें- महेश, नीलकंठ, महादेव, महाकाल, शंकर, पशुपतिनाथ, गंगाधर, नटराज, त्रिनेत्र, भोलेनाथ, आदिदेव, आदिनाथ, त्रियंबक, त्रिलोकेश, जटाशंकर, जगदीश, प्रलयंकर, विश्वनाथ, विश्वेश्वर, हर, शिवशंभु, भूतनाथ और रुद्र।
28.अमरनाथ के अमृत वचन :
शिव ने अपनी अर्धांगिनी पार्वती को मोक्ष हेतु अमरनाथ की गुफा में जो ज्ञान दिया उस ज्ञान की आज अनेकानेक शाखाएं हो चली हैं। वह ज्ञानयोग और तंत्र के मूल सूत्रों में शामिल है। 'विज्ञान भैरव तंत्र' एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें भगवान शिव द्वारा पार्वती को बताए गए 112 ध्यान सूत्रों का संकलन है।
29.शिव ग्रंथ :
वेद और उपनिषद सहित विज्ञान भैरव तंत्र, शिव पुराण और शिव संहिता में शिव की संपूर्ण शिक्षा और दीक्षा समाई हुई है। तंत्र के अनेक ग्रंथों में उनकी शिक्षा का विस्तार हुआ है।
30.शिवलिंग :
वायु पुराण के अनुसार प्रलयकाल में समस्त सृष्टि जिसमें लीन हो जाती है और पुन: सृष्टिकाल में जिससे प्रकट होती है, उसे लिंग कहते हैं। इस प्रकार विश्व की संपूर्ण ऊर्जा ही लिंग की प्रतीक है। वस्तुत: यह संपूर्ण सृष्टि बिंदु-नाद स्वरूप है। बिंदु शक्ति है और नाद शिव। बिंदु अर्थात ऊर्जा और नाद अर्थात ध्वनि। यही दो संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार है। इसी कारण प्रतीक स्वरूप शिवलिंग की पूजा-अर्चना है।
31.बारह ज्योतिर्लिंग :
सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ॐकारेश्वर, वैद्यनाथ, भीमशंकर, रामेश्वर, नागेश्वर, विश्वनाथजी, त्र्यम्बकेश्वर, केदारनाथ, घृष्णेश्वर। ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति के संबंध में अनेकों मान्यताएं प्रचलित है। ज्योतिर्लिंग यानी 'व्यापक ब्रह्मात्मलिंग' जिसका अर्थ है 'व्यापक प्रकाश'। जो शिवलिंग के बारह खंड हैं। शिवपुराण के अनुसार ब्रह्म, माया, जीव, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी को ज्योतिर्लिंग या ज्योति पिंड कहा गया है। दूसरी मान्यता अनुसार शिव पुराण के अनुसार प्राचीनकाल में आकाश से ज्योति पिंड पृथ्वी पर गिरे और उनसे थोड़ी देर के लिए प्रकाश फैल गया। इस तरह के अनेकों उल्का पिंड आकाश से धरती पर गिरे थे। भारत में गिरे अनेकों पिंडों में से प्रमुख बारह पिंड को ही ज्योतिर्लिंग में शामिल किया गया।
32.शिव का दर्शन :
शिव के जीवन और दर्शन को जो लोग यथार्थ दृष्टि से देखते हैं वे सही बुद्धि वाले और यथार्थ को पकड़ने वाले शिवभक्त हैं, क्योंकि शिव का दर्शन कहता है कि यथार्थ में जियो, वर्तमान में जियो, अपनी चित्तवृत्तियों से लड़ो मत, उन्हें अजनबी बनकर देखो और कल्पना का भी यथार्थ के लिए उपयोग करो। आइंस्टीन से पूर्व शिव ने ही कहा था कि कल्पना ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
33.शिव और शंकर :
शिव का नाम शंकर के साथ जोड़ा जाता है। लोग कहते हैं– शिव, शंकर, भोलेनाथ। इस तरह अनजाने ही कई लोग शिव और शंकर को एक ही सत्ता के दो नाम बताते हैं। असल में, दोनों की प्रतिमाएं अलग-अलग आकृति की हैं। शंकर को हमेशा तपस्वी रूप में दिखाया जाता है। कई जगह तो शंकर को शिवलिंग का ध्यान करते हुए दिखाया गया है। अत: शिव और शंकर दो अलग अलग सत्ताएं है। हालांकि शंकर को भी शिवरूप माना गया है। माना जाता है कि महेष (नंदी) और महाकाल भगवान शंकर के द्वारपाल हैं। रुद्र देवता शंकर की पंचायत के सदस्य हैं।
34.देवों के देव महादेव :
देवताओं की दैत्यों से प्रतिस्पर्धा चलती रहती थी। ऐसे में जब भी देवताओं पर घोर संकट आता था तो वे सभी देवाधिदेव महादेव के पास जाते थे। दैत्यों, राक्षसों सहित देवताओं ने भी शिव को कई बार चुनौती दी, लेकिन वे सभी परास्त होकर शिव के समक्ष झुक गए इसीलिए शिव हैं देवों के देव महादेव। वे दैत्यों, दानवों और भूतों के भी प्रिय भगवान हैं। वे राम को भी वरदान देते हैं और रावण को भी।
35.शिव हर काल में :
भगवान शिव ने हर काल में लोगों को दर्शन दिए हैं। राम के समय भी शिव थे। महाभारत काल में भी शिव थे और विक्रमादित्य के काल में भी शिव के दर्शन होने का उल्लेख मिलता है। भविष्य पुराण अनुसार राजा हर्षवर्धन को भी भगवान शिव ने दर्शन दिए थे।
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Tuesday, 24 April 2018
Monday, 23 April 2018
भगवान भोलेनाथ के ऐसे रहस्य जिन्हें सुनकर चौक जाएंगे आप ( भाग- 1)
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On: 17:00
भगवान भोलेनाथ के ऐसे रहस्य जिन्हें सुनकर चौक जाएंगे आप( भाग-1 )
भगवान शिव अर्थात पार्वती के पति शंकर जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, आदिनाथ आदि कहा जाता है, उनके बारे में यहां प्रस्तुत हैं 35 रहस्य।
इन 35 रहस्यों को मैं तीन भागों में आपके सामने प्रस्तुत करूंगा -
1. आदिनाथ शिव
सर्वप्रथम शिव ने ही धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया इसलिए उन्हें 'आदिदेव' भी कहा जाता है। 'आदि' का अर्थ प्रारंभ। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम 'आदिश' भी है।
2. शिव के अस्त्र-शस्त्र
शिव का धनुष पिनाक, चक्र भवरेंदु और सुदर्शन, अस्त्र पाशुपतास्त्र और शस्त्र त्रिशूल है। उक्त सभी का उन्होंने ही निर्माण किया था।
3. शिव का नाग
शिव के गले में जो नाग लिपटा रहता है उसका नाम वासुकि है। वासुकि के बड़े भाई का नाम शेषनाग है।
4. शिव की अर्द्धांगिनी
शिव की पहली पत्नी सती ने ही अगले जन्म में पार्वती के रूप में जन्म लिया और वही उमा, उर्मि, काली कही गई हैं।
5. शिव के पुत्र
शिव के प्रमुख 6 पुत्र हैं- गणेश, कार्तिकेय, सुकेश, जलंधर, अयप्पा और भूमा। सभी के जन्म की कथा रोचक है।
6. शिव के शिष्य
शिव के 7 शिष्य हैं जिन्हें प्रारंभिक सप्तऋषि माना गया है। इन ऋषियों ने ही शिव के ज्ञान को संपूर्ण धरती पर प्रचारित किया जिसके चलते भिन्न-भिन्न धर्म और संस्कृतियों की उत्पत्ति हुई। शिव ने ही गुरु और शिष्य परंपरा की शुरुआत की थी। शिव के शिष्य हैं- बृहस्पति, विशालाक्ष, शुक्र, सहस्राक्ष, महेन्द्र, प्राचेतस मनु, भरद्वाज इसके अलावा 8वें गौरशिरस मुनि भी थे।
7. शिव के गण
शिव के गणों में भैरव, वीरभद्र, मणिभद्र, चंदिस, नंदी, श्रृंगी, भृगिरिटी, शैल, गोकर्ण, घंटाकर्ण, जय और विजय प्रमुख हैं। इसके अलावा, पिशाच, दैत्य और नाग-नागिन, पशुओं को भी शिव का गण माना जाता है। शिवगण नंदी ने ही 'कामशास्त्र' की रचना की थी। 'कामशास्त्र' के आधार पर ही 'कामसूत्र' लिखा गया।
8. शिव पंचायत
भगवान सूर्य, गणपति, देवी, रुद्र और विष्णु ये शिव पंचायत कहलाते हैं।
9. शिव के द्वारपाल
नंदी, स्कंद, रिटी, वृषभ, भृंगी, गणेश, उमा-महेश्वर और महाकाल।
10. शिव पार्षद
जिस तरह जय और विजय विष्णु के पार्षद हैं उसी तरह बाण, रावण, चंड, नंदी, भृंगी आदि शिव के पार्षद हैं।
11. सभी धर्मों का केंद्र शिव
शिव की वेशभूषा ऐसी है कि प्रत्येक धर्म के लोग उनमें अपने प्रतीक ढूंढ सकते हैं। मुशरिक, यजीदी, साबिईन, सुबी, इब्राहीमी धर्मों में शिव के होने की छाप स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। शिव के शिष्यों से एक ऐसी परंपरा की शुरुआत हुई, जो आगे चलकर शैव, सिद्ध, नाथ, दिगंबर और सूफी संप्रदाय में विभक्त हो गई।
12. बौद्ध साहित्यके मर्मज्ञ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वान प्रोफेसर उपासक का मानना है कि शंकर ने ही बुद्ध के रूप में जन्म लिया था। उन्होंने पालि ग्रंथों में वर्णित 27 बुद्धों का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें बुद्ध के 3 नाम अतिप्राचीन हैं- तणंकर, शणंकर और मेघंकर।
13. देवता और असुर दोनों के प्रिय शिव
भगवान शिव को देवों के साथ असुर, दानव, राक्षस, पिशाच, गंधर्व, यक्ष आदि सभी पूजते हैं। वे रावण को भी वरदान देते हैं और राम को भी। उन्होंने भस्मासुर, शुक्राचार्य आदि कई असुरों को वरदान दिया था। शिव, सभी आदिवासी, वनवासी जाति, वर्ण, धर्म और समाज के सर्वोच्च देवता हैं।
भगवान शिव अर्थात पार्वती के पति शंकर जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, आदिनाथ आदि कहा जाता है, उनके बारे में यहां प्रस्तुत हैं 35 रहस्य।
इन 35 रहस्यों को मैं तीन भागों में आपके सामने प्रस्तुत करूंगा -
1. आदिनाथ शिव
सर्वप्रथम शिव ने ही धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया इसलिए उन्हें 'आदिदेव' भी कहा जाता है। 'आदि' का अर्थ प्रारंभ। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम 'आदिश' भी है।
2. शिव के अस्त्र-शस्त्र
शिव का धनुष पिनाक, चक्र भवरेंदु और सुदर्शन, अस्त्र पाशुपतास्त्र और शस्त्र त्रिशूल है। उक्त सभी का उन्होंने ही निर्माण किया था।
3. शिव का नाग
शिव के गले में जो नाग लिपटा रहता है उसका नाम वासुकि है। वासुकि के बड़े भाई का नाम शेषनाग है।
4. शिव की अर्द्धांगिनी
शिव की पहली पत्नी सती ने ही अगले जन्म में पार्वती के रूप में जन्म लिया और वही उमा, उर्मि, काली कही गई हैं।
5. शिव के पुत्र
शिव के प्रमुख 6 पुत्र हैं- गणेश, कार्तिकेय, सुकेश, जलंधर, अयप्पा और भूमा। सभी के जन्म की कथा रोचक है।
6. शिव के शिष्य
शिव के 7 शिष्य हैं जिन्हें प्रारंभिक सप्तऋषि माना गया है। इन ऋषियों ने ही शिव के ज्ञान को संपूर्ण धरती पर प्रचारित किया जिसके चलते भिन्न-भिन्न धर्म और संस्कृतियों की उत्पत्ति हुई। शिव ने ही गुरु और शिष्य परंपरा की शुरुआत की थी। शिव के शिष्य हैं- बृहस्पति, विशालाक्ष, शुक्र, सहस्राक्ष, महेन्द्र, प्राचेतस मनु, भरद्वाज इसके अलावा 8वें गौरशिरस मुनि भी थे।
7. शिव के गण
शिव के गणों में भैरव, वीरभद्र, मणिभद्र, चंदिस, नंदी, श्रृंगी, भृगिरिटी, शैल, गोकर्ण, घंटाकर्ण, जय और विजय प्रमुख हैं। इसके अलावा, पिशाच, दैत्य और नाग-नागिन, पशुओं को भी शिव का गण माना जाता है। शिवगण नंदी ने ही 'कामशास्त्र' की रचना की थी। 'कामशास्त्र' के आधार पर ही 'कामसूत्र' लिखा गया।
8. शिव पंचायत
भगवान सूर्य, गणपति, देवी, रुद्र और विष्णु ये शिव पंचायत कहलाते हैं।
9. शिव के द्वारपाल
नंदी, स्कंद, रिटी, वृषभ, भृंगी, गणेश, उमा-महेश्वर और महाकाल।
10. शिव पार्षद
जिस तरह जय और विजय विष्णु के पार्षद हैं उसी तरह बाण, रावण, चंड, नंदी, भृंगी आदि शिव के पार्षद हैं।
11. सभी धर्मों का केंद्र शिव
शिव की वेशभूषा ऐसी है कि प्रत्येक धर्म के लोग उनमें अपने प्रतीक ढूंढ सकते हैं। मुशरिक, यजीदी, साबिईन, सुबी, इब्राहीमी धर्मों में शिव के होने की छाप स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। शिव के शिष्यों से एक ऐसी परंपरा की शुरुआत हुई, जो आगे चलकर शैव, सिद्ध, नाथ, दिगंबर और सूफी संप्रदाय में विभक्त हो गई।
12. बौद्ध साहित्यके मर्मज्ञ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वान प्रोफेसर उपासक का मानना है कि शंकर ने ही बुद्ध के रूप में जन्म लिया था। उन्होंने पालि ग्रंथों में वर्णित 27 बुद्धों का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें बुद्ध के 3 नाम अतिप्राचीन हैं- तणंकर, शणंकर और मेघंकर।
13. देवता और असुर दोनों के प्रिय शिव
भगवान शिव को देवों के साथ असुर, दानव, राक्षस, पिशाच, गंधर्व, यक्ष आदि सभी पूजते हैं। वे रावण को भी वरदान देते हैं और राम को भी। उन्होंने भस्मासुर, शुक्राचार्य आदि कई असुरों को वरदान दिया था। शिव, सभी आदिवासी, वनवासी जाति, वर्ण, धर्म और समाज के सर्वोच्च देवता हैं।
Sunday, 22 April 2018
भारतीय इतिहास के 14 हैरतंगेज़ और रोमांचित रहस्य !
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On: 16:00
भारतीय इतिहास के 14 हैरतंगेज़ और रोमांचित रहस्य !
अगर आप कठिन से कठिन पहेलियाँ बुझाने में माहिर है और ऐतिहासिक किस्सों में दिलचस्पी रखते है तो भारतीय इतिहास के इन अनसुलझे रहस्यों को जानकर आश्चर्यचकित हो जायेंगे।
इतिहास हमेशा कुछ न कुछ सिखाता है पर उसमे अनगिनत रहस्य समाये होते है जिसे इंसान हर कदम पर सुलझाने की कोशिश करता है। कुछ रहस्य नये होते है और कुछ सदियों पुराने! भारतीय इतिहास में ऐसी कई कहानियाँ मौजूद है, जिसमे ढेरों राज़ छिपे है, जिन्हें जानने के लिये वैज्ञानिक और इतिहासकार हमेशा से प्रयत्न करतेआ रहे है।
आईये ऐसी ही कुछ कहानियों से रूबरू होते है। अगर आप इन्हें सुलझा सकते है तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे। क्या पता इन अनसुलझे प्रश्नों का उत्तर आप ही में से किसी के पास हो!
1. गुमनाम सिंधु घाटी सभ्यता
सिंधु घाटी सभ्यता भारत की सबसे प्राचीन संस्कृति है। मिस्र (इजिपशियन) और मेसोपोटामियन सभ्यता से भी सिंधु घाटी सभ्यता बहूत पुरानी, बड़ी, रहस्यमय और अनेक अनसुलझे सवालो से भरी पड़ी है। जिन लोगो ने इस सभ्यता की शुरुआत की उनके बारे में पुख्ता सबूत अभी तक नहीं मिले। इतना ही नहीं, उनके द्वारा इस्तेमाल किये गये 4000 साल पुराने सिंधु चित्रमय लिपि को भी आजतक कोई समझ नहीं पाया। उस जमाने की संस्कृति और उससे संबधित असंख्य रहस्य धरती की गोद में समा गये इसलिये इस सभ्यता को समझना मुश्किल है। सभ्यता को लेकर बहुत सारे सिद्धांत दिये गये है पर कोई भी निर्णायक नहीं है।
2. चरामा की एलियन नुमा शैल चित्र

छत्तीसगढ़ के बस्तर आदिवासी इलाके में चरामा गाँव के पास पुरातन गुफाए मिली है जहा के पत्थरो पे दुसरे ग्रह के लोगो जैसे दिखने वाले चित्र पाये गये। गुफाओ की खोज करने वाले पुरातत्ववादी जे. आर. भगत कहते है कि चित्रो में चेहरे अलग तरह से दिखते है और कुछ चित्र उड़न तश्तरी के भी है।इससे जुडी हुयी एक कहानी गांववाले बताते है जिसमे रोहेला नामक लोग उड़न तश्तरी से यहाँ आते है और गांववालो का अपहरण करते है। छत्तीसगढ़ पुरातत्व विभाग ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) को इस मुहीम में मदद करने की मांग की है।
3. बिहार की सोन भंडार गुफाएं

बिहार की सोन भंडार गुफाएं एक बड़े पत्थर से बनायीं हुयी है और कहा जाता है कि ये गुफाएं मगधन राजा बिम्बिसार के ज़माने की है। लोगो का मानना है कि बिम्बिसार राजा अपने खजाने को छुपाने के लिये इन गुफाओ का इस्तेमाल करता था। सोन भंडार का मतलब है ‘सोने का खजाना’। जब बिम्बिसार को उसके पुत्र अजातशत्रु ने कारागार में डाल दिया तब उसके आदेश से उसकी बीवी ने राज्य का खजाना इस गुफाओ में छिपाया था। यहा पर मिली हुयी संखलिपि में लिखित शिलालेख है जिनसे शायद इस खजाने तक पहुँचने की चाबी मौजूद है। अंग्रेजो ने खजाने को हासिल करने के लिये दरवाजो पर तोप के गोले बरसाये थे जिनके निशान आज भी दिखते है पर उन्हें कुछ भी नहीं मिला था।
4. नौ अपरिचित व्यक्ति

भारत के ‘नौ अपरिचित व्यक्ति’दुनिया भर के सबसे बड़े रहस्यों में से एक माने जाते है। जानकारों का मानना है कि इसवी सन पूर्व 273 में जब कलिंगा का युद्ध हुआ था जिसमे 100,000 लोगो की जाने गयी थी, उसके बाद सम्राट अशोक ने इन नौ व्यक्तियों का गुट बनाया था। नौ में से हर एक व्यक्ति को एक विषय पर बहुत सारा ज्ञान था, जिसमे पर्यटन, विज्ञान और युद्ध कौशल जैसे विषय शामिल थे। उन सभी 9 लोगो के बारे में पूरी जानकारी नहीं है पर ऐसा मानना है कि आज भी उनके वंशज मौजूद है।
5. मीर ओस्मान अली का खजाना

हैदराबाद के असफ जाह शासन के सातवे और आखरी निज़ाम मीर ओस्मान अली खान अपने गहनो और खजाने के संग्रह के लिये प्रसिद्ध थे। सन 1937 में टाइम मैगज़ीन ने उन्हें दुनिया के सबसे अमीर आदमी का सम्मान दिया। उनके द्वारा संग्रहित की गयी सभी गहनों और खजाने को उनके मृत्यु के बाद भी कोई ढूंड नहीं पाया था। लोगो का कहना है कि सारा खजाना हैदराबाद के कोठी पैलेस में छुपा है जहा निजाम रहते थे।
6. लामा तेनझीन की 500 साल पुरानी ममी

हिमालय में स्पिटी के पास घुइन नामक एक छोटासा क़स्बा है जहा पुराने ज़माने में प्रचलित, खुद की ममी बनाने की संस्कृति देखने को मिलती है ।यहा पर एक छोटे से कमरे में 500 साल की ममी रखी गयी है जिसे कांच से सरंक्षित किया गया है। पंद्रहवी शताब्दी के महंत सांघा तेनझीन की ये ममी है, जिसकी त्वचा और सर के बाल आज भी साबुत है। ये ममी सबसे पहली प्राकृतिक ममी है।
7. जयगढ़ किले का शाही खजाना

जयगढ़ का जैवाना किला दुनिया के सबसे बड़े पहियों वाली तोपो के लिये प्रसिद्द तो है पर साथ साथ साजिश और खजानों की कहानियो के लिये भी प्रसिद्ध है। ऐसा कहा जाता है कि अफगानिस्तान की जंग जीतने के बाद अकबर के रक्षा मंत्री मान सिंग ने युद्ध में जीता हुआ खजाना इसी किले में छुपा के रखा था। सन 1977 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने किले में खजाना और पानी की टंकिया ढूंढने के लिये एक मुहीम चलायी। पर इसमे कुछ भी नहीं पाया गया। इस मुहीम की पूरी कहानी महारानी गायत्री देवी द्वारा लिखी गयी ‘A Princess Remembers’ नामक किताब में पढने को मिलता है।
8. नानासाहेब का लापता होना

नानासाहेब 1857 के विद्रोह के नेता थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन को ललकारा था। विद्रोह के बाद नानासाहेबअचानक एक दिन गायब हो गए। इतिहास में किसीको पता नहीं है कि उनके द्वारा लूटा हुआ खजाना कहा है। कहानी ये भी है कि वो खजाने के साथ नेपाल चले गये और ब्रिटिशो के हाथ नहीं लगे। ब्रिटिश काल से नानासाहेब और उनका खजाना एक रहस्य बना हुआ है।
9. कुलधरा- भूतो से पीड़ित गाँव

जैसलमेर के पश्चिम दिशा में 20 किमी के बाद भूतो से पीड़ित कुलधारा गाँव है जहा 100 साल पहले पालीवाल ब्राह्मण रहते थे। लगबग 1500 लोग एक ही रात में इस गाँव को छोड़कर निकल गये। किसी को खबर नहीं थी कि वो कहा और क्यों गये पर लोगो का मानना है कि दुष्ट शासक सलीम सिंग और उसके लगाये गये लगान की वजह से लोग गाँव छोड़कर चले गए, और जाते जाते गाँव को एक श्राप भी देकर गये। उस घटना के बाद जिसने भी गाँव में रहने का निश्चय किया उसकी मौत हो गयी इसी वजह से ये गाँव आजतक नहीं बसा।
10. चपाती आंदोलन

1857 के विद्रोह के दौरान चपाती आंदोलन शुरू किया गया था, जिसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है इसलिये आजतक यह एक रहस्य बना हुआ है। कुछ अध्ययन द्वारा ये बताया गया है कि कोलेरा से प्रभावित लोगो को चपाती पहूचाना इसका उद्देश था पर इस आंदोलन का असली मकसद आज भी किसीको नहीं पता। इतिहासकारो का मानना है कि इस आंदोलन से 1857 में ब्रिटिश राज में खलबली मची थी।
11. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु के बारे में असंख्य कहानियाँ प्रचलित है, जो आज भी एक रहस्य बना हुआ है। कोई नहीं जानता कि तायपेई से टोकियो जाने वाले विमान में उनके साथ क्या हुआ। आजाद भारत का ये एक अनसुलझा सवाल है। उनके गायब होने के बाद ऐसा कहा जाता है कि वो भारत वापस आये थे और उत्तर भारत में साधू के वेश में रहते थे। इस बात का सबूत नहीं है पर ऐसा माना जाता है कि उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में रहने वाले साधू गुमनामी बाबा ही सुभाष चन्द्र बोस थे।
12. लालबहादुर शास्त्री की असामयिक मौत

भारत के प्रधानमंत्री बनने के महज 2 साल बाद दुसरे देश में लाल बहादुर शास्त्री की अचानक मौत होना देश के लिये एक दुर्भाग्य था और सबसे बड़ा रहस्य भी। सन 1966 में ताशकन्त देश में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुयी। नीले धब्बे और कटने के निशान उनके शरीर पर थे पर न तो उनका पोस्ट मार्टम किया गया और न ही उनकी मौत से जुड़े कोई दस्तावेज़ सरकार को दिये गये। इसलिये उनकी मौत पर हमेशा एक प्रश्नचिन्ह बना रहा।
13. शांतीदेवी का पुनर्जन्म

एक बच्ची का दिल्ली में पुनर्जन्म हुआ जिसका नाम शांतिदेवी था। शांतिदेवी ने अपने घरवालो को उसके पहले जन्म के घर और घरवालो की जानकारी दी। महात्मा गाँधी द्वारा स्थापन की गयी एक कमिटी ने शांतिदेवी द्वारा दी गयी जानकारी को टटोला और रिकॉर्ड किया।
14. एक योगी कुछ खाये-पिये बिना जी रहा है

अहमदाबाद से 200 किमी दूर अम्बाजी गाँव में चुनरीवाला माताजी नाम से मशहूर एक कमजोर बुर्जुर्ग तपस्वी रहते है। इनका असली नाम प्रल्हाद जानी है। इनका कहना है कि 11 साल की उम्र से वो देवी अम्बा के भक्त बने और अध्यात्म से जुडे। वे कहते है कि देवी ने उन्हें आशीर्वाद देकर अमृत दिया जिसे वो तालू के छेद से शरीर में पहुँचता रहता है। सन 2003 में 21 लोगो की मेडिकल रिसर्च टीम ने इस योगी पर विडियो द्वारा नज़र रखी पर कुछ निष्कर्ष नहीं निकला। योगी का कहना है कि सन 1940 से वो कुछ भी खाए पिए बगैर जी रहे है।
प्रकृति के 12 रहस्य जो अभी तक अनसुलझे है
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On: 07:00
प्रकृति के रहस्य जो अभी तक अनसुलझे है

खुला आसमान और विशाल धरती के बीच इंसान प्रकृति का एक अदना सा हिस्सा है। इंसान कितना भी ज्ञान अर्जित कर ले, कितना भी विज्ञान को जान जाये लेकिन प्रकृति हर बार कुछ ऐसा कर जाती है कि हर बार उसके करिश्मे के आगे विज्ञानं भी घुटने टेक देता है।
आज हम ऐसी ही कुछ रहस्यमयी बातों को आपके सामने पेश कर रहें हैं-
1. करोड़ों साल पुराना धातु का हथौड़ा

हमने अपनी इतिहास की किताबों से यही सीख है, की इंसान ने धातु का इस्तेमाल कुछ 10 हज़ार सालों पहले शुरू किया था। लेकिन 1934 में पुरातत्व विभाग को अपनी खोज में मिला ये हथौड़ा भ्रमित कर ही देता है। कारण यह है कि इस हथौड़े में लगी लकड़ी कोयला बन चुकी है। और कोयला बनने में करोड़ो वर्ष लग जातें हैं।
2. मरुस्थल में बना शिलाओं का घेरा

सहारा मरुस्थल के बीचो-बीच कुछ बड़े पत्थरों का एक बड़ा घेरा मिला। इसकी खोज पुरातत्व विशेषज्ञों ने 1973 में की। वैज्ञानिकों का मानना है कि पाषाण काल में इनका इस्तेमाल खगोलशास्त्रियों के द्वारा ग्रह-नक्षत्रों की खोज के लिए किया जाता था। लेकिन आज का मनुष्य इस कला से अनभिज्ञ है।
3. शेंग मरुस्थल में मिली पत्थर पर बनी सीढ़ी लकीरें

चीन में गानसू शेंग रेगिस्तान के बीचो-बीच कुछ लकीरें मिली, जिन्हें चीनी मोज़ेक लाइन का नाम दिया गया। इसे मोगाओं गुफ़ा के आस-पास बनाया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि पत्थरों के ऊबड़-खाबड़ होने के बाद भी यह लकीरें एकदम सटीक और सीधी हैं।
4. पाषाणकालीन पत्थर का खिलौना

पुरातत्व विभाग को 1889 में ईदाहो के नाम्पा में एक पत्थर की गुड़िया मिली, जो बहुत ही पुरानी थी। इसे देख कर वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाया कि पाषाणकालीन यह गुड़िया मानव के धरती पर अस्तित्व पर सवाल उठा रही थी। वैज्ञानिकों के हिसाब से यह गुड़िया करोड़ों वर्ष पुरानी थी।
5. उल्का अवशेष में फंसा धातु का पेंच

वैज्ञानिकों को 1998 में हुई शोध में उल्का के अवशेष की जांच करते समय एक पत्थर का टुकड़ा मिला था। जिसमें एक लोहे का पेंच था। वैज्ञानिकों के माने तो यह पत्थर 30 करोड़ साल पुराना है और लेकिन उस समय तक धरती और किसी भी प्रजाति ने जन्म नहीं लिया था।
6. पत्थर पर बना प्राचीन विमान का चित्र

पाषाणकाल में मनुष्य अक्सर पत्थरों पर चित्रकारी किया करता था। 5000 ईसा पूर्व की इस कला के नमूने में आपको एक विमान दिख रहा होगा। वैज्ञानिक आज भी स्तब्ध हैं कि क्या उस समय ऐसा कोई विज्ञान था? और अगर नहीं था तो मनुष्य ने उस काल में इसकी कल्पना कैसे की होगी…!
7. चलने वाला पत्थर

कैलिफोर्निया की डेथ वैली के खिसकते पत्थर आज भी वैज्ञानिकों के लिए असुलझी पहेली बने हुए हैं। 1972 में इस रहस्य का खुलासा करने के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम गठित की गई थी, लेकिन वह टीम पूरी तरह से असफल रही और आज भी यह एक अनसुलझा रहस्य ही है।
8. मेक्सिकन पिरामिड में ब्राजील के अभ्रक

प्राचीन मेक्सिको शहर की दीवार अभ्रक की बनी हुई है। लेकिन अभ्रक तो ब्राज़ील में मिलता है, जो यहां से हज़ारों मील दूर है। इसका उपयोग ऊर्जा प्रदान करने के लिए किया जाता है। तो उस वक़्त के कारीगर इसे लेट कैसे थें और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता था, ये दोनों बातें वैज्ञानिकों को परेशां करती रहीं हैं।
9. भीमकाय मानव के जीवाश्म

1895 में आयरलैंड में पुरातत्व विभाग की खोज में खुदाई के दौरान 12 फीट लम्बा एक मानवीय जीवाश्म मिला।यह मानव आधुनिक मानव होमो शेपिएन्स से बिल्कुल अलग था, जिसके पैर में 6 उंगलिया थीं और उसके हाथ 4 फीट लम्बे थे।
10. गुप्त अटलांटिस

पुरातत्व विभाग का मानना है कि उन्होंने अटलांटिस की खोज कर ली है, लेकिन आज भी इसके कई राज दफ़न हैं।
11. विशाल इंसानी जबड़ा

अमेरिका के नेवाडा में 1911 में एक भीमकाय इंसानी जबड़ा मिला, कहा जाता है कि नेवाडा में लाल बाल वाले 12 फीट लम्बे इंसान रहा करते थे। इसके अलावा 1931 में इंसानी कंकाल भी मिले, जिनकी लम्बाई 12 फीट थी। आखिर ये थे क्या इंसान या कोई अलग ही प्रजाति?
12. कंकाल में फंसी एल्युमीनियम की कील

त्रानसिलवेनिया की मुर्से नदी में 1974 में एक 20 हज़ार साल पुराने मैस्तदन की हड्डियों से एक एल्युमीनियम की एक कील मिली, जिसे वैज्ञानिकों ने 300 से 400 साल प्राचीन बताया। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह थी की हड्डियों के बीच एल्युमीनियम आया तो आया कहाँ से?
Saturday, 21 April 2018
विश्व के 10 अजीब अनसुलझा रहस्य Top 10 World’s Unsolved Mysteries
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On: 18:33
विश्व के 10 अजीब अनसुलझा रहस्य Top 10 World’s Unsolved Mysteries
दोस्तो आपका स्वागत हैं । शुरू करने से पहले आपसे निवेदन है कि आप हमारे ब्लॉग को bookmark और subscribe कर लीजिए तथा रोजाना विजिट कीजिये । दोस्तों वैसे तो दुनिया में कई सारे “unsolved mysteries” है । जिनको आज तक कोई solve नही कर पाया है । अलग-अलग लोग अपने अलग-अलग मत प्रस्तुत करते रहते है और दावा करते है कि उन्होंने इन mysteries को solve कर लिया है । खैर आज मैं आपको दुनिया के कुछ अनसुलझे रहस्यों में से 10 के बारे में बताने जा रहा हूँ । तो ज्यादा इधर-उधर की न करते हुए चलिए शुरू करते हैं
1. 18 वी सदी में फैला डांसिंग प्लेग । ये वो बीमारी है जिसका सैकड़ो researchers ने शोध किया है । मगर आज तक इसका कारण कोई नही बता पाया । इसलिए इसे unsolved mysteries में रखा जाता है । दरअसल हुआ ये था कि रोहनसर नाम के एक गांव में एक औरत अचानक से नाचने लगी । देखते-देखते ये बीमारी बाकि गांव वालों को भी लग गयी और गांव के सैकड़ो लोग नाचने लगे वो भी महीनो तक । बहुत से लोग महीनों तक , एक लंबे समय तक नाचने की वजह से , हार्ट अटैक और अत्यधिक थकान की वजह से मारे गए ।
2. 15 जनवरी 1947 को लॉस एंजेलिस में एलिज़ाबेथ शॉट नाम की एक महिला की हत्या हो गयी । उसकी लाश कमर से आधी काटी और मुँह और कान के पास चिरी हुई पायी गयी । उसके शरीर पर बहुत से चोट के निशान पाए गए थे । ये अजीब नही है,अजीब घटना इसके आगे घटी वो ये की इसकी हत्या की जिम्मेदारी 60 लोगो ने ली । इस घटना की जांच करते-करते police वालो के पसीने छूट गए और जिन 60 लोगो ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी जज ने उन्हें छोड़ दिया । आज तक नही पता कि क्यों ? इसलिए इसे भी unsolved mysteries में शामिल किया जाता हैं ।
3. साल 2007 में ब्रिटिश कोलंबिया में बीच के किनारे कटे हुए पैर पाए गए । इस घटना से हड़कंप मच गया । high profile police investigation हुई मगर सत्य का पता नही चल सका । ये तक पता नही चला की पैर किनके थे । अलग-अलग तर्क लोगो द्वारा उस वक़्त दिए गए । जैसे कि शायद ये 2004 में आये सुनामी में मरे गये लोगों के है ,शायद इन लोगो का बड़ी बेरहमी से murder किया गया है ,और भी कई बातें उड़ती रही । आज तक उड़ रही है । इसलिए इसे भी unsolved mysteries में शामिल किया गया है ।
4 कॉपर family ने 1950 में टेक्सास में अपना नया घर ख़रीदा । घर की opning party आयोजित की गयी । नाच-गाना ,खाना-पीना सब चला । फिर photo session हुआ । जिसमें घर के दोनों बच्चे अपने दादी और माँ के गोद में सोफे पर बैठ गए । photo click हुआ । उसके बाद जब फोटो बन कर आई तो सब हैरान थे । फोटो में एक लटकती हुई लाश दिखाई दे रही थी । पुरे इलाके में खबर फैली । कुछ ने कहा भूत है कुछ ने कहा photo effect है या फेक है । मगर जब फोटो की जांच experts ने की तो फोटो असली निकली । लोग आज तक इस mysterious photo पर सर खुजा रहे है । मगर सच से पर्दा अभी तक उठा नही है । यानि ये भी है unsolved mysteries.
5. साल 1638 । जब शैतान ने चर्च में बिजली बरसाई और कई लोग मारे गए । यह सेलपरिक्स शहर के लोगो के बयान है । उस दिन अचानक से चर्च के ऊपर काले बादल मंडराने लगे और दोपहर के वक़्त 300 लोगो से खचाखच भरे चर्च में बिजली बरसने लगी । ये घटना है तो पुरानी मगर आज भी चर्चा और रहस्य का विषय बना हुआ है । घटना की हक़ीक़त,कोई नही जानता । इसलिए इसे भी unsolved mysteries में से एक माना जाता हैं ।
6. इंग्लैंड के साल्वे फर्थ में साल 1964 में एक ऐसी घटना घटी जो आज तक रहस्य का विषय है । एक दिन जिम टेपलेटन अपनी बेटी के साथ घूमने निकले । वहां वो खूबसूरत वादियों में घूमने लगे । अच्छा मौसम और नज़ारा देखकर उन्होंने अपनी बेटी का एक फोटो लिया । बाद में जब उस फोटो को धुलवाया तो वो दंग रह गये । उनकी बेटी के पीछे एक स्पेससूट पहना हुआ एक आदमी खड़ा था । जबकि फोटो लेते वक़्त उन दोनो के अलावा वहां और कोई नही था । ये खबर local न्यूज़पेपर के माध्यम से ऐसी फैली की दुनियाभर के experts ने अपना पूरा दिमाग और वक़्त इस फोटो पर खपा दिया । मगर इस फोटो के रहस्य को नही सुलझा पाए । आज भी ये unsolved mysteries में से एक है ।
7. पूरी दुनिया में एक और रहस्य का गुबार छा गया जब चिली के एक शहर में 6 इंच का इंसानी कंकाल मिला । experts ने बहुत जांच की मगर ये किस तरह की प्रजाति है पता नही लगा पाए । हैं एक चीज़ जो उन्होंने माना वो ये की ये इंसानी कंकाल जैसा ही है बस फ़र्क़ सिर्फ इतना सा है कि इसके बॉडी में धारियां मौजूद है और दांत बहुत मजबूत है । मगर असल में ये किसका है ,अभी तक unsolved mysteries ही बना हुआ है ।
8 . 19 फरवरी 2013 में 21 साल की एलिसा लेन जो की ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी वेंकेवर में स्टूडेंट थी ,डाउनटाउन के एक होटल के टंकी में मृत पायी गयी । दरआसल होटल में रह रहे लोगो ने शिकायत की कि पानी बदबूदार और गन्दा आ रहा है । फिर स्टाफ ने टंकी की जांच की तो लड़की की बॉडी मिली । बाद में जब होटल के CCTV footage को खंगाला गया तो एलिसा लिफ्ट के पास किसी invisible चीज़ से छुपती और बात करते हुई दिखी । ये फुटेज public हुई फिर क्या था । दुनिया भर के experts के आकर्षण का ये केंद्र बिंदु बन गयी । इस फुटेज और रहस्य की कई experts ने जांच की मगर सब खाली हाथ ही रहे और घटना भी unsolved mysteries के फाइलो में दबकर रह गयी ।
9 . अमेरिका के घने जंगलों में एक ऐसा गड्ढा है जो आज तक लोगो के लिए रहस्य बना हुआ है । दरअसल एक नदी है जो की झरने से गिरते वक़्त दो धड़ो में बटती है एक नीचे नदी में गिरती है और दूसरी चट्टानों में मौजूद एक रहस्यमयी गड्ढे में जिसे Devils kettle कहा जाता है । दशकों गुजर चुके है scientists को इसकी जांच करते-करते मगर आज तक हक़ीक़त कोई नही जान सका हैं । इसलिए यह भी unsolved mysteries में से एक हैं ।
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10. स्कॉटलैंड में लोच झील नाम का एक झील है जो 1933 से चर्चा और रहस्य का विषय बना हुआ हैं । यहाँ के local लोगो के अनुसार इस झील के नीचे एक विशाल दैत्याकार जीव रहता है । जो की दिखने में डायनासोर जैसा हैं । बाकि की unsolved mysteries की तरह ये जगह भी बहुत famous है और इसपर भी बहुत से experts ने research किया हैं ,और बाकि की तरह ही नतीजा जीरो ही निकला है । इसकी हक़ीक़त अभी भी राज़ हैं । कुछ लोग इसे local लोगो की fake story बताते है तो कुछ कहते है कि हो सकता है कि कोई डायनासोर आज भी जिन्दा हो और इस झील में रहता हो । कई experts और लोगो के तर्क है कि आखिर डाइनोसॉर के ज़माने के मगरमछ भी तो आज भी जिंदा हैं । तो डाइनोसॉर कुछ बच गए हो और आज भी जिंदा हो संभव है ।
तो दोस्तों आपका इन 10 ‘unsolved mysteries’ के बारे में क्या कहना हैं । क्या आपको लगता हैं कि ये unsolved , solved में convert हो पाएंगे ? मुझे अपनी राय comment करके बताइये और हां share करना मत भूलियेगा । और अगर आपने हमारे दूसरे आर्टिकल्स को नही पढ़ा है तो जरूर से पढियेगा ।
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